राजगढ़/रतलाम/मप्र:– मुन्ना भाई की तर्ज पर रतलाम शहर की गलियों में कई मुन्ना भाई दुकानें खोलकर बैठे है जिनके नाम के नीचे MBBS तो लिखा है मगर इलाज झोला छाप की तरह कर रहे हैं। राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर की एक महिला मुन्ना भाई के इलाज से मरते मरते बाल बाल बची।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दो माह पूर्व डॉ अरशद ए सैय्यद, शास्त्री नगर स्थित चेस्ट सेंटर के नाम पर संचालित क्लिनिक पर सामान्य दर्द होने पर महिला दिखाने पहुंची वहां पर बैठे मुन्ना भाई ने पहले पर्चा बनवाया उस पर एक्सरे लिखा जो क्लिनिक के अंदर ही करवाया गया।

मुन्ना भाई ने एक्सरे को देखकर को टीबी होना बताया,ओर इलाज तीन माह तक चलेगा कि भविष्य वाणी कर डाली।
परेशान ओर भयभीत महिला ने मुन्ना भाई के बात मान ली और एक माह की दवाइयों ले आई जिसका का बिल 12635/-रुपए, मुन्ना भाई यही नहीं रुके पीड़ित परेशान महिला से एक सादा एक्सरे 2800/- रुपए का किया गया जिसका बिल नहीं दिया।
मुन्ना भाई के इलाज ओर लापरवाही की पोल उस समय खुली जब दवाइयों को मात्र आठ दिन खाने के बाद से महिला हालत बिगड़ गई। परिजन गंभीर हालत में शासकीय अस्पताल लेकर गए वहां जांच करवाई, ओर फिर भोपाल के निजी केरवेल अस्पताल में भर्ती किया गया अनुभवी डॉक्टरों द्वारा सीटी स्कैन सहित अन्य जांचे करवाई गई अनुभवी चिकित्सकों द्वारा सारी जांचों के माध्यम से स्वास्थ परीक्षण किया।जिसमें टीबी जैसी बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए। अनुभवी डॉक्टरो का कहना है इनको टीवी से संबंधित हाई डोज दिया गया जो नुकसान दायक रहा। अगर समय पर इलाज न करवाते तो,,,,,?
परिजन द्वारा उक्त मामले की लिखित शिकायत स्वास्थ मंत्री चिकित्सा परिषद भोपाल से लेकर जिला कलेक्टर को करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी रतलाम आवक शाखा के पत्र कमांक 3445 दिनांक 13/5/2026 को प्रमाणित दस्तावेजों (13पेचों की नस्ती) के साथ की गई। मज़ेदार बात यह है कि सरकार देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए लाखों करोड़ों की योजनाएं शासकीय अस्पतालों के माध्यम से चला रही है जिसमें निक्षय मित्र पहल ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत कोई भी व्यक्ति या संस्था टीबी रोगियों को पोषण और चिकित्सा सहायता (निक्षय मित्र बनकर) प्रदान कर सकती है साथ ही मुफ्त जांच और इलाज: देश भर के सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और संपूर्ण इलाज बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मुन्ना भाई को सरकार की योजना रास नहीं आ रही है,,,?उक्त मामले की नवागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी किरण वाडिया द्वारा उच्च स्तरीय या बारीकी से जांच करवाई जाए तो कई मुन्ना भाई सलाखों के पीछे जा सकते हैं।

