
नर्सेज स्टॉफ विगत चार दिन से अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन पर डटा हुआ है
ब्यावरा। कोरोना संकट की घड़ी में भी अपना पूरा सहयोग देने वाली नर्सेज स्टॉफ विगत चार दिन से अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन पर डटा हुआ है। मध्यप्रदेश में कार्यरत स्टाफ नर्सो की लंबित मागो के निराकरण हेतु नर्सेज एसोसिएशन म.प्र. कई बार शासन एवं प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से नर्सेज की मागो को लेकर समय-समय पर अवगत कराता आ रहा है। बाबजूद इसके आज तक नर्सो की मागो पर विचार नही किया गया।
जबकि नर्सेज द्वारा कोविड-19 मारी के दौरान अपना दायित्व पूरी ईमानदारी से निभाया गया है। आज नर्सेज की मांगों पर विचार करने के लिए प्रदेश शासन व प्रशासन के पास वक्त नहीं है। ऐसे में नर्सेज अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रही है वही आंदोलन करने के लिए विवश है। इसीलिए बुधवार से यह हड़ताल पर चल रही है। इनकी प्रमुख मांगों में उच्च स्तरीय वेतनमान अन्य राज्यों की तरह ही मध्य प्रदेश में कार्यरत समस्त नर्सेज को दिया जाए, पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए, कोरोना का हाल में शहीद हुए स्टाफ नर्सेज के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के साथ 15 अगस्त को राष्ट्रीय कोरोना योद्धा अवार्ड से सम्मानित किया जाए। यदि मांगे नहीं मानी जाती है तो हम आगामी 30 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी। हड़ताल में शामिल मंजूलता संजूदिया, राजकुमारी, मंजू सेन, सविता दास, मनीषा स्वाता सिस्टर,करिश्मा सिस्टर, बापू सिस्टर, करुणा सिस्टर, वर्षा कटारे एवं समस्त नर्सिंग स्टाफ भी आंदोलन में शामिल होकर एसोसिएशन का समर्थन कर रहे हैं।
