
ठेका निलंबित करने एवं ब्लेक लिस्टेड करने की अनुषंसा
संबंधित इलेक्ट्रिकल इंजिनियर के विरूद्ध भी कार्रवाई करने की अनुशंसा
राजगढ़
कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह के निर्देषानुसार गठित समिति ने 17 मई 2021 को आकस्मिक वर्षा के दौरान जिला अस्पताल के कोविड आई.सी.यू. वार्ड में हुए पानी के रिसाव की जांच रिपोर्ट अनुषंसा सहित अग्रिम कार्रवाई के लिए आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल को प्रेषित कर दी गई है। जांच प्रतिवेदन में समिति द्वारा तथ्यों अपनी जांच में प्रिन्ट मीडिया के समाचार पत्रों की कटिंग, पानी रिसाव स्थल एवं आमजन से चर्चा को शामिल किया गया था। समिति द्वारा कोविड आई.सी.यू. वार्ड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिषन द्वारा भोपाल से लगभग 90 लाख रूपये के जारी वर्क आर्डर से सिविल कार्य हेतु नियुक्ति ठेकेदार आरोग्य मेडिको छत्तीसगढ़ द्वारा समय सीमा में कार्य नही करने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी रखने तथा तकनीकि खामियां के कारण पानी के रिसाव की स्थिति निर्मित होने के कारण उक्त ठेकेदार आरोग्य मेडिको छत्तीसगढ़ को षेष राषि का भुगतान नही करने, ठेका निलंबित करने तथा ब्लेक लिस्टेड करने की अनुषंसा की है। साथ ही एयर कंडीषन के डक्ट से पानी का रिसाव हो सकता कि बिना जांचे-परखे ही 50 लाख रूपये के भुगतान की अनुषंसा करने पर संबंधित इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के विरूद्ध कार्रवाई करने की अनुषंसा भी की है।
इस आषय की जानकारी में अपर कलेक्टर श्री कमल चन्द्र नागर ने बताया कि संबंधित ठेकेदार आरोग्य मेडिको छत्तीसगढ़ द्वारा उक्त कोविड आई.सी.यू. वार्ड में गतवर्ष एक माह जून एवं जुलाई में कार्य पूर्ण किया जाना था। सिविल निर्माण कार्य में चिलिंग प्लाट के ऊपर निर्मित शेड और दीवाल के मध्य में रिक्त स्थान छोड़ने, उसका सीमेन्ट कंक्रीट से भराव नही करने तथा वाटर प्रूफ नही बनाने के कारण उक्त शेड और दीवाल के मध्य रिक्त स्थान तथा शेड से पानी का छत में भरने से रिसाव होने के कारण की स्थिति निर्मित होना तथा एयर कंडीसनर के कार्य में लापरवाही करने तथा एसी. लगाए जाने के कार्य में कमियों पर ध्यान नही देने पर संबंधित इलेक्ट्रीकल इंजीनियर को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उक्त अनुषंसा समिति द्वारा की गई है।
उल्लेखनीय है कि 17 मई, 2021 को चक्रवात के कारण आकस्मिक रूप से तेज हवा और तेज वर्षा के चलते कोविड आई.सी.यू. वार्ड में पानी का रिसाव हुआ था, के कारण अप्रिय स्थिति निर्मित हुई थी। इसकी जांच हेतु कलेक्टर श्री सिंह द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी तथा 24 घंटे में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देष दिए गए थे। अपर कलेक्टर श्री नागर की अध्यक्षता में गठित उक्त समिति में कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. सदस्य के रूप में मनोनीत किए गए थे।
