

जिला संकट प्रबंधन समूह की बैठक सम्पन्न
राजगढ़ (ब्यावरा) जिले में किल कोरोना अभियान-4, 18 वर्ष से ऊपर के शतप्रतिषत व्यक्तियों का वैक्सिनेषन एवं कोरोना कर्फ्यू के उपरांत संक्रमण के फैलाव को रोकने की रणनीति बनाने के लिए कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता मे एक बेठक रखी इस मौके पर सासंद रोड़मल नागर, खिलचीपुर विधायक प्रियव्रत सिंह, सारंगपुर विधायक कुवंर कोठार, नरसिंहगढ़ विधायक राज्यवर्धन सिंह, राजगढ़ विधायक बापूसिंह तंवर, ब्यावरा विधायक रामचन्द्रर दांगी, दिलबर यादव, प्रकाष पुरोहित, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, अपर कलेक्टर कमलचन्द्र नागर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. यदु मौजूद रहे।
प्रारंभ में कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक का उद्देष्य बताया तथा जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह के सदस्यों से कोरोना कर्फ्यू के बाद कृषि एवं कृषि उपकरणों की दुकानें एवं किराना दुकाने खोलने तथा वैक्सिनेषन हेतु जनजागरूकता अभियान के संबंध में सुझाव चाहे एवं जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के गिरते ग्राफ और कम होते रोगियों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी।
उन्होने बताया कि 18 वर्ष के ऊपर सभी व्यक्तियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाना जरूरी है। तब ही कोरोना वायरस पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इस हेतु जनजागरूकता के उद्देष्य से उन्होने जनप्रतिनिधियों से सहयोग का आग्रह किया। उन्होने वैक्सीन लगाए जाने के संबंध में लोगों की शंकाओं और भा्रंतियों को दूर करने और टीकाकरण हेतु सभी को प्रेरित करने में सहयोग की अपेक्षा की। उन्हांने बताया कि जिले में 18 वर्ष से ऊपर के समस्त व्यक्तियों के कोरोना वैक्सिनेषन के लिए सूक्ष्म स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर प्रतिदिन जिले में 25 से 30 हजार लोगों को वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य है। इस हेतु जिले में टीकाकरण हेतु स्थाई टीकाकरण केन्द्रों के अतिरिक्त मोबाईल टीकाकरण केन्द्र भी सक्रिय किए जाएंगे।
इस अवसर पर संकट समूह के सदस्यों द्वारा कृषि एवं कृषि उपकरणों की दुकाने कोरोना कर्फ्यू के उपरांत खोलने तथा किराना दुकाने खोलने के लिए समय-सीमा निर्धारित करने, शादी समारोह एवं समस्त प्रकार के भोज पूर्णतः प्रतिबंधित रखने तथा कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने हेतु आवष्यक निर्णय लेने आदि सुझाव दिए गए।
इस मौके पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत लक्षित हितग्राहियों को निःषुल्क राषन वितरण तथा उपार्जन की अद्यतन की समीक्षा भी की गई। चर्चा के दौरान जिला संकट प्रबंधन समूह के सदस्यों द्वारा जिले में उपार्जन कार्य निर्बाध रूप से चलने एवं किसी प्रकार की समस्याएं नही आने पर प्रषंसा भी व्यक्त की गई।
बैठक में ऑक्सीजन कंसनट्रेटर की उपलब्धता, उपयोग एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में वितरण, ऑक्सीजन प्लान्ट लगाए जाने की अद्यतन स्थिति, बच्चा कोविड वार्ड बनाए जाने, दवाईयों एवं संसाधनों की उपलब्धता तथा मांग एवं आपूर्ति पर गहन विचार-विमर्ष किया गया।
