
जिला चिकित्सालय के एस.एन.सी.यू. वार्ड का किया निरीक्षण
राजगढ़ जिले में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा जिला चिकित्सालय का मौका मुआयना किया इसी कड़ी में अपर कलेक्टर श्री कमलचन्द्र नागर ने जिला चिकित्सालय के एस.एन.सी.यू. वार्ड का निरीक्षण कर शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर से चर्चा कर वहां की गतिविधियां जानी एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौरतलब है कि जिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) जो की नवजात से लेकर एक महीने तक के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस वार्ड में जन्मजात बीमारियों व जन्म के बाद बच्चों को होने वाली बीमारियों का इलाज होता है।
उन्होने चिकित्सालय का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। मरीजों के उपचार सहित दवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली । उन्होने कहा कि एस.एन.सी.यु. अंधोसंरचनात्मक सुविधाओ में संख्यात्मक और गुणात्मक वृद्धि यदि की जाती है, तो एस.एन.सी.यु. के माध्यम से जिले के नागरिकों को और बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। उन्होने कहा कि एस.एन.सी.यु. परिसर में पर्याप्त ड्रेनेज की व्यवस्था करने साथ ही रैन बसेरा को बेहतर स्वरूप दिये जाने के निर्देष दिए गए। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि उक्त कार्य शीघ्र पूर्ण करे।
इस अवसर पर जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ एवं एसएनसीयू के प्रभारी डॉ. आर.एस. माथुर ने बताया कि यह वार्ड एक माह तक के उन बच्चों के लिए बनाया गया है जो समय से पहले पैदा हुए है, कम वजन के हो और जिन बच्चों को सांस लेने में समस्या होती है। उन्हें स्वस्थ होने तक उपचार दिया जाता है। इसके अलावा एक माह तक के बच्चों को नीला, पीला या निमोनिया जैसे बीमारियां होने पर उनका बेहतर इलाज किया जाता है। यहां बच्चों के लिए चौबीस घंटे आक्सीजन की व्यवस्था उपलब्ध है। यही नहीं मौसम के अनुसार उनके लिए वातावरण ठंडा व गर्म रखने की भी व्यवस्था है। यहां रेडिएंट वार्मर (बच्चों को गर्म रखने के लिए) फोटो थैरेपी (पीलिया पीडि़त बच्चों के लिए) एक्यूवेटर (कम वजन वाले बच्चों के लिए) ऐसी व हीटर भी लगे हुए हैं।
