
राजगढ़ (मप्र) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर की कार्ययोजना अनुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री प्रभात कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार गत दिवस को जिला जेल राजगढ़ में बंदियों के अधिकार एवं गोपाल महिला मंडल राजगढ़ में निवासरत महिलाओं को नालसा, तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण पीडि़त महिलाओं को विधिक सेवा योजना – 2015 विषय पर वर्चुअल माध्यम से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन तृतीय जिला न्यायाधीश श्रीमती अंजली पारे के मुख्य आतिथ्य में किया गया।
ऑनलाईन माध्यम से आयोजित किये गये शिविर में मुख्य अतिथि तृतीय जिला न्यायाधीश श्रीमती अंजली पारे द्वारा सर्वप्रथम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली (नालसा) द्वारा तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण पीडि़त महिलाओं को विधिक सेवा योजना- 2015 के बारे में जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित महिलाओं की विधिक समस्यायें सुनीं। शिविर में नवीन प्रवेषित महिला द्वारा बताया गया कि उनके माता-पिता उसकी बिना मर्जी की शादी करना चाहते हैं किंतु, वह आगे अध्ययन कर स्वयं का सहारा बनना चाहती। उन्होंने स्वरोजगार के साथ ही साथ अपना भविष्य सुनिष्चित करने हेतु आगे अत्यधिक अध्ययन की बात कही। एक अन्य महिला जिसका कि पति जेल में निरूद्ध होकर सजा भुगत रहा है। विधिक सहायता के माध्यम से जमानत पर रिहा किये जाने हेतु माननीय उच्च न्यायालय इंदौर में अपील प्रस्तुत की गई है कि जानकारी चाही। शिविर के दौरान उसके अधिवक्ता से संपर्क कर जानकारी प्रदाय की गई।
वर्चुअल माध्यम से ही तृतीय जिला न्यायाधीश श्रीमती अंजली पारे के मुख्य आतिथ्य में जिला जेल राजगढ़ में ऐसे निरूद्ध विचाराधीन बंदियों से चर्चा की गई जिन्हें कि उनके प्रकरणों में यथास्थिति की जानकारी नहीं है अथवा विधिक जानकारी नहीं है, उनके प्रकरणों की जानकारी प्रदान कर सुलभ एवं सहज माध्यम से समझाया गया। साथ ही इस अवसर पर उनके द्वारा बंदियों को प्राप्त विधिक अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई।
आयोजित वर्चुअल शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी राजगढ़ के साथ ही साथ गोपाल महिला मंडल के संचालक, कर्मचारी तथा जिला जेल राजगढ़ के जेल अधीक्षक, कर्मचारी एवं विधिक सहायता कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
