
*मुख्यमंत्री केविड-19 बाल कल्याण योजना के बाल हितग्राहियों से किया सीधा संवाद कर बढ़ाया हौसला*
राजगढ़ (मप्र) कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कोरोना काल में अपने माता-पिता को असमय खोने वाले अनाथ बच्चों से कहा है कि प्रदेष सरकार मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजनान्तर्गत उनके भरण-पोषण और शिक्षा की व्यवस्था कर रही है। संकट के समय प्रदेश की सरकार एवं जिला प्रषासन उनके साथ है। वे पढ़ाई बीच में नही छोड़े। योजनान्तर्गत बाल हितग्राही को यदि कोई परेषानी अथवा समस्या है तो वे खुलकर बताएं। वे भाई की तरह उनके साथ है। उनकी हर समस्या का हर संभव निराकरण सुनिष्चित करेगे। उन्होंने यह बात आज यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के लगभग 20 बाल हितग्राहियों से सीधा संवाद करते हुए कही।
उन्होंने बाल हितग्राहियों को विष्वास दिलाया कि उनके आगे बढ़ने के जिला प्रषासन हर संभव मदद करेगा। वे अपने आपको अकेला नही समझें। परेषानी अथवा समस्या आने पर वे बाल संरक्षण अधिकारी अथवा जिला प्रषासन से सीधा सम्पर्क करें। उन्हे कही भटकना या परेशान नही होना पड़ेगा।
इस अवसर पर उन्होंने बाल हितग्राही रामेशवर से कहा कि वह अपनी तीनों छोटी बहनों सविता, निर्मला और पार्वति का अच्छे से ध्यान रखें। उन्हें पढ़ाए। फीस की चिन्ता वह नही करें।
चर्चा के दौरान बाल हितग्राही कोडक्या के कु. दीपिका ने 12 वीं के बाद नरसिंग का प्रशिक्षण लेने की बात बताई। वहीं सारंगपुर की बाल हितग्राही नन्ही दीपिका का स्कूल घर से 3 किलोमीटर दूर होने पर पास के स्कूल में एडमीशन दिलाने बात संरक्षक उसकी दादी ने कही। कलेक्टर श्री सिंह ने रक्षा की सुविधा के अनुसार विद्यालय में एडमीषन कराने तथा सुठालिया के रेहान खान को एम.जी. कारवेन्ट स्कूल से टी.सी. दिलवाकर ब्यावरा विद्यालय में एडमीशन दिलाने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।
इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के ऐसे बाल हितग्राही जिनके माता-पिता के बैंक खातों में राशि जमा है, कि निकासी पर रोक लगाने एवं खाते में जमा रकम संबंधित बाल हितग्राही के नाम फिक्स डिपाजिट कराने के निर्देष दिए।
इस अवसर पर उन्होंने कोरोना से अनाथ बच्चों से उनकी पैत्रिक संपत्ति, जमीन, प्लाट एवं आवास तथा रहने की जानकारी उपस्थित समस्त 20 बाल हितग्राहियों से ली। उन्हें बताया कि जिला प्रशासन उनके माता-पिता की अचल संपत्तियों को उनके नाम नामांतरण करा रही है। इस हेतु राजस्व अधिकारियों को आवष्यक निर्देष दिए गए है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि उनकी संपत्ति सुरक्षित रहे और भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की कानूनी समस्याओं का सामना नही करना पड़े।
उन्होंने उपस्थित बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे कभी निराश नही हों। अपने सुनहरे भविष्य को देखकर आगे बढ़ेगे तो प्रगति करेंगे। माता-पिता का स्थान अन्य कोई नही ले सकता है। दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। जब भी उन्हे आवष्यकता पड़े वे उन्हे अपना बड़ा भाई समझकर संकोच और निडर होकर संपर्क करें। मदद में कोई कमी नही रखी जाएगी।
इस अवसर पर जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमति सुनिता यादव, श्रीमति चन्द्रसेना भिड़े, श्याम बाबू खरे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारीगण मौजूद रहें।
