
ब्यावरा/राजगढ़ :–अधिवक्ता परिषद के द्वारा 71वां संविधान दिवस के अवसर पर न्यायालय परिसर में विचार गोष्ठी आयोजित की गई गोष्ठी में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष आफताब खान ने बताया की इसमें लिखी सभी बातों का पालन हम सभी को करना चाहिए।
पूर्व अध्यक्ष चंद्रकांत त्रिपाठी ने बताया की 26 नवंबर का दिन हर आजाद भारतीय के लिए बहुत ही खास है. 26 नवंबर के दिन 1949 में भारत की संविधान सभा ने अपने संविधान को अपनाया था. हालांकि इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था. भारत के नागरिकों में संविधान के प्रति जागरूक करने और संवैधानिक मूल्यों को याद दिलाने के लिए हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है. इसको बनाने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे थे। आज जरूरी है कि हम पूज्य अंबेडकर जी के द्वारा निर्मित संविधान के अंतर्गत हम सभी कर्तव्य के माध्यम से अधिकारों की रक्षा के रास्ते पर चलें जो अधिकार सम्मान के साथ दूसरों को देता है। कर्तव्य को जितनी ज्यादा मात्रा में निष्ठा से मानाएंगे, उससे सभी के अधिकारों की रक्षा होगी।प्रत्येक भारतीय को भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढ़कर उसका पालन करना चाहिए।
सचिन श्रीवास्तव ने बताया की हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान हे इसमें कई देशों के संविधान की मुख्य बातो को समाहित किया गया है।
उक्त विचार गोष्ठी में अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष गोपाल शक्यवार, आशीष उपाध्याय सहित अभिभाषणगण शिशुपाल राणा, अनुराग भार्गव, प्रवीण नामदेव, तेजकरण साहू, दिनेश साहू, कैलाश यादव, अमितराज कुशवाह, जगदीश पुष्पद,योगेश मेवाडे, मनमोहन यादव, मनोज प्रजापति, अविनाश सक्सेना, होकम सोंधिया, राजकुमार शर्मा, हेमराज लोधी, वासु दांगी, राहुल सोंधियां शैलेंद्र शर्मा सहित कई अधिवक्तागण मौजूद थे।
