जिंदगी में तुम्हारी कमी रह गई…अखिल भारतीय विराट कवि-सम्मेलन में कवियों ने समां बांधा

ब्यावरा/राजगढ़:–भारत एकता ग्रुप के तत्वावधान में बीती रात्रि को नगर के सुभाष चौक में आयोजित ” अखिल भारतीय विराट कवि-सम्मेलन ” सम्पन्न हुआ जिसमें देश के नामचीन कवि,शायरों ने अपने काव्य-पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया सर्वप्रथम माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया ततपश्चात भोपाल की कवयित्री शुभांशी राज सरल ने अपने सुमधुर स्वरों में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
नगर के युवा कवि राहुल कुम्भकार ने अपनी रचना -” पिता से पूछिए,वो घर को घर कैसे बनाते थे..सुनाई
छापीहेड़ा के युवा कवि राहुल भिलाला ने भगवान राम पर मनमोहक छंद प्रस्तुत कर मन मोह लिया
कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे नगर के सुप्रसिद्ध गीतकार कन्हैया ‘ राज ‘ ने अपने चुटकुले रहित गरिमामय संचालन करते हुए श्रंगारिक ग़ज़ल -” आसमां खो गया बस! जमीं रह गई,जिंदगी में तुम्हारी कमी रह गई…सुनाकर समां बांध दिया
देवास से पधारे ओज के विख्यात कवि जगदीश सेन ने अपनी रचना-” गायों का समाज जैसे-जैसे टूट रहा है,भारती का भाग्य वैसे वैसे फूट रहा है…पढ़कर श्रोताओं में देशभक्ति का भाव जागृत किया
भोपाल से पधारी विख्यात कवयित्री संगीता सरल ने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी उनकी रचना -” मेरा दिल ले गया थानेदार…को विशेष सराहना मिली भोपाल से पधारे अंतरराष्ट्रीय शायर पधारे जलाल मयकश ने लगभग डेढ़ घण्टे तक धाराप्रवाह काव्य-पाठ सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया उनकी रचना -” जिसको इस मुल्क की मिट्टी से अगर प्यार नही उसको इस मुल्क में रहने का अधिकार नही…को खूब सराहना मिली खिलचीपुर के ओजस्वी कवि फैजान हिंदुस्तानी ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएँ सुनाकर भारतमाता की जय के नारे लगाने पर मजबूर कर दिया अरनियाकला के मालवी हास्य कवि हजारी हवलदार ने हंसा हंसा कर लोटपोट कर दिया इससे पूर्व मंच पर वरिष्ठ साहित्यकार पं.अरुण आज़ाद को दीर्घकालीन साहित्यिक व समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया कवि-सम्मेलन में मुरैना के कवि श्यामबाबू खरे ने -‘ धड़कने ले गई दिल बचा रह गया…से श्रंगारिक माहौल उत्पन्न कियाकवियों ने भी शानदार काव्यपाठ किया जिसे श्रोतागण द्वारा सराहा गया। देर रात्रि तक चले इस कवि-सम्मेलन में जि.पं.अध्यक्ष प्रति.जसवंत गुर्जर,वरि. भाजपा नेता अमित शर्मा, लखन दाँगी,पूर्व पार्षद ज्ञानू विजयवर्गीय, गोपाल बंसल सहित क्षेत्र से पधारे सैकड़ों काव्य-रसिक उपस्थित रहे।

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