कुलपति प्रो.आशा शुक्ला ने निजी व पारिवारिक कारणों से कुलपति पद से दिया त्यागपत्र

*राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय फलक पर स्थापित हुआ डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय…*

बाबा साहब की जन्मस्थली महू में स्थापित डॉ. बी. आर. अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू आज राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय फलक पर स्थापित हुआ है। विगत 3 वर्षों में विश्वविद्यालय न केवल देश में अपितु विदेशों में अपने अकादमिक एवं शोध-परक कार्यों एवं उद्देश्यों को लेकर विख्यात है। विश्वविद्यालय निरंतर डॉ. अम्बेडकर के सपनों को साकार कर रहा है।
विगत तीन वर्षों में कुलपति ने विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन पर 37 से अधिक वेबीनार और आजादी के अमृत महोत्सव पर 35 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन कर एक राष्ट्रीय और समन्वयकारी अकादमिक वातावरण को पैदा करने का काम किया है। इसके अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर 24 से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए। सभी प्रकार के विशेषज्ञों के 40 से अधिक विशेष व्याख्यान का आयोजन विश्वविद्यालय के अकादमी गौरव और प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए कार्य किया इस दरमियान अनेक पुरस्कारों से भी उन्हें नवाजा गया। आज 20 से अधिक पुस्तकें, 7 रिसर्च जर्नल और 70 से अधिक रिपोर्ट प्रकाशन के लिए तैयार हैं। 20 से अधिक शोध पीठ निरंतर शोध का कार्य कर एकत्ववादी और समन्वयवादी कार्य निरंतर कर रही हैं। इनमें 9 शोध पीठ ऐसी भी हैं जिनके मानद आचार्य विश्वविद्यालय से मानदेय नहीं लेते हैं।
शैक्षिक और अकादमिक उपलब्धियों के अंतर्गत 55 विद्यार्थियों से 6000 से अधिक विद्यार्थी, 5 अध्ययनशालाओं का 11 अध्ययनशालाओं में विस्तार, 256 पूर्व पीएच.डी. शोधार्थियों को राजभवन और राज्यशासन की मदद से निराकरण, सामाजिक विज्ञान केंद्र की शुरुआत तथा 100 से अधिक अकादमिक अनुबंध कर शैक्षिक कार्यक्रमों का उन्नयन हो रहा था। कुलपति निरंतर बाबा साहब के दर्शन और विचारों को पल्लवित कर रही थी। प्रो. आशा शुक्ला ने विश्वविद्यालय के सभी आचार्य, उपआचार्य, सहायक आचार्य, शिक्षकेतर अधिकारियों, कर्मचारियों तथा मीडिया कर्मियों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। आज कुलपति प्रो.आशा शुक्ला ने निजी व पारिवारिक कारणों से कुलपति पद से त्यागपत्र दे दिया।

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राजगढ़ ब्यावरा