

अपराधों की रोकथाम के साथ साथ ही पुलिस टीम द्वारा ब्याज पर पैसा देकर अडीबाजी के जरिए लोगों से पैसा वसूल करने वाले व्यक्ति एवं उसके साथियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है।
दिनांक 12.03.2020 को पीड़ित मोगजी सौधिया निवासी ग्राम जगन्यापुरा ने थाने पर सूचना दी कि उसने गांव के कान जी सौधिया से वर्ष 2017 में 01 लाख रूपये ब्याज से लिये थे जिसमें से 36-36 हजार रूपये पूर्व में एवं 40000 रूपये पिछले साल कान जी सौधिया को दे दिये थे इस प्रकार कुल 01 लाख 12 हजार कानजी सौधिया को लौटा दिए थे, परंतु फिर भी कान जी उससे डेढ़ लाख रुपए और मांग रहा है और कान जी सौधिया, उसका भाई मोर सिंह सौधिया, कान जी का लड़का अंकित सौधिया और गांव जगन्यापुरा का ही मेहरवान सौधिया अपने साथ ट्रैक्टर ट्राली लेकर पीडित के खेत पर आ गये और चारों खलिहान में रखे करीबन 20 कुण्टल गेंहू कीमती 40000 रूपये, मेरे मना करने के बाद भी जबरदस्ती ट्रैक्टर ट्राली में भरकर ले गये और पीड़ित के पास बच्चों के लिये घर में दाना भी नहीं बचा।
फरियादी के आवेदन पर आरोपीगण कानजी सौधिया, अंकित सौधिया, मोर सिंह सौधिया व मेहरवान सिंह सौधिया के विरूद्ध अपराध क्रमांक 162/2021 धारा 327 भादवि 3/4 मध्य प्रदेश ऋणियों का संरक्षण अधिनियम का कायम कर विवेचना में लिया गया।
मामला दर्ज होने के बाद से ही मामले की गंभीरता को देखते हुये थाना प्रभारी ब्यावरा(शहर) राजपाल सिंह राठौर ने वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश प्राप्त कर उनि अर्जुन सिंह बामनिया, सउनि एल एस भाटी व महिला प्रधान आरक्षक सुनीता भाबर को जगन्यापुरा रवाना किया जहां आरोपी कान जी सौधिया से धारा 27 साक्ष्य अधिनियम का मेमो लेख किया और आरोपी द्वारा 100 रूपये का स्टाम्प पेश करने पर समक्ष पंचान जप्त किया, प्लास्टिक के 13 अधभरे गेंहूं के कट्टे पेश करने पर समक्ष पंचान जप्त किये। आरोपी मेहरवान सिह सौधिया द्वारा एक मैसी ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 39 ए डी 1398 को जप्त किया। वहीं चारों आरोपीगणों कान जी सौधिया, मोर सिंह सौधिया, मेहरवान सौधिया व अंकित सौधिया सर्व निवासी ग्राम जगन्यापुरा को गिरफ्तार किया जाकर समस्त आरोपियों को जेआर पर जिला जेल राजगढ दाखिल किया।
उक्त सराहनीय कार्य में एसडीओपी श्रीमती किरण अहिरवार के नेतृत्व में थाना प्रभारी थाना ब्यावरा(शहर) राजपाल सिंह राठौर, उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह बामनिया, सहायक उपनिरीक्षक लीलाशंकर भाटी, महिला प्रधान आरक्षक सुनीता भाबर एवं आरक्षक संदीप दांतरे का सराहनीय योगदान रहा।
