
सिविल अस्पताल में महिला और नवजात शिशु एवं बुजुर्ग की मौत परिजनों ने लगाए डॉक्टर एवं नर्स पर लापरवाही के आरोप 1 दिन में गई तीन जाने
ब्यावरा/राजगढ़:–हमेशा विवादों में रहने वाले ब्यावरा सिविल अस्पताल में गुरुवार को लापरवाही के चलते नवजात शिशु, महिला, बुजुर्ग सहित तीन मौत होने का मामला सामने आया है। मामले में परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही के गम्भीर आरोप लगाए है। आपको बता दे कि पीपलहैला निवासी जमनाबाई पति कमलेश धाकड़ को प्रवस के लिए 4 दिन पूर्व सिविल अस्पताल ब्यावरा में भर्ती किया था, 4 दिन बात गुरुवार को प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई कुछ देर बाद महिला की हालत भी गंभीर हुई आनन फानन में उसे रैफर किया गया, मगर रास्ते मे ही उसकी मौत हो गई।
महिला के परिवार वालों ने बताया की डिलेवरी मंजुलता सिसोदिया मनीषा चौहान करुणा द्वारा करवाई गई सूत्रो ने बताया की स्वीपर स्टाफ लाड़ बाई से पेट को दबवाया गया धक्का मुक्की करके जबरजस्ती डिलेवरी कराने का प्रयास किया, डिलीवरी उपरांत बच्चे की तुरंत मोत हो गई व पेशेंट की हालत ज्यादा खराब होने पर रेफर किया गया जिसकी भोपाल पहुचने तक मोत हो गई इस दौरान महिला रोग विशेषज्ञ डॉ जेन की अनुपस्थिति होना भी लापरवाही का कारण का कारण बताया जा रहा है जमनाबाई की हालत गंभीर होने पर भी ड्यूटी ड्रॉ जेन चाय पिने के लिए बहार चले गये ओर ड्यूटी नर्स कृष्णा को घबराहट और आनन-फानन मैं हमारे साथ भोपाल भेजी गई। लापरवाही के चलते ऑक्सीजन का नहीं मिलना अस्पताल में लाइट का जाना ओर जरनेट मे डीजल का नही होना,,,? आलीशान अस्पताल की लापरवाही का पर्याप्त सबूत है। ज्ञात रहे कि आज से 2 माह पूर्व मनीष शिवहरे द्वारा शपथ पत्र देकर एसडीएम को नर्स मंजू लता सजोदिया की शिकायत की गई थी एसडीएम द्वारा की गई जांच मे प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई थी मगर आज तक स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई सिविल् अस्पताल् मे इतनी अव्यवस्था होने के बाद भी जिम्मेदार द्वारा कार्रवाई नहीं की जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।

