अखण्ड परमधाम आश्रम पर, भागवत कथा, रुक्मणी विवाह उत्सव मनाया व कई प्रसंगों को सुनाया

ब्यावरा/राजगढ:–मनुष्य को अपने जीवन में अहंकार नहीं करना चाहिए भगवान अहंकार से दूर जाते है और प्रेम से समीप आते है। यह उद्गार अखण्ड परमधाम आश्रम पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा में व्यास महामंडलेश्वर पूज्य श्री श्री 1008 श्री ज्योतिर्मयानंद जी महाराज ने व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि भगवान की समीपता का भी अहंकार होता है। लेकिन वहां भगवान नहीं रहते। जब गोपियों को अनहंकार हुआ तो भगवान कन्हैया वहां से चले गए। तब वे वियोग में रोने लगी। अहंकार में भगवान नहीं आते, वे प्रेम से आते है। इसलिए भगवान की भक्ति का भी अहंकार मत करो।आचार्य श्री ने रासलीला का वर्णन भी किया। साथ ही श्रीकृष्ण रुक्मणि विवाह उत्सव भी सम्पन्न हुआ। विवाह उत्सव के दौरान भक्त जमकर थिरके और उत्सव मनाया। भागवत कथा में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद रोड़मल नागर, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिलवर यादव सहित कई लोग भी शामिल हुए। संसार मे सब मिथ्या, केवल परमात्मा सत्य है इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि इस संसार मे कुछ सत्य नहीं। केवल परमात्मा ही सत्य है। यह सदैव याद रखो, यह सत्य भागवत से प्राप्त होता है। गौरतलब है कि अखण्ड परम धाम आश्रम पर चल रही भागवत कथा में 28 अप्रैल से भक्ति रस बरस रहा है। आज कथा का विश्राम होगा, जबकि 5 मई को 65 कन्याओं का सर्वजातीय कन्या विवाह संपन्न होगा।

