
राजगढ़
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. यदु ने कहा है कि मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार्य संबंधी स्थापना अधिनियम 1973 के प्रावधान अनुसार एम.पी. ऐडीमिस डीसेसीस कोविड़-19 रेगुलेषन 2020 को महामारी घोषित किया गया है। जिसके अनुसार प्रायः यह देखने में आया है कि कोविड-19 से संबंधी टेस्टों के लिये पेथालॉजी संचालकों द्वारा मनमानी राशि आमजनों से वसूली जा रही है। शासन द्वारा उक्त टेस्टों की दरे निर्धारित है।
उन्होने ए.बी.जी जांच की अधिकतम दर 600 रूपये, डी-डीमर की 500, सी.आर.पी. की 200, आई.एल. 6 की 1000, सीरम फेर्टीन की 180, प्रोकैल्सिटोनीन की जांच की दर 1000 रूपये अधिकतम निर्धारित है। उन्होने पैथोलॉजी लैब संचालको को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित दर अनुसार टेस्ट दरों पर उनकी लैब में टेस्ट किया जाना सुनिष्चित करें। उन्होने आदेशित किया है कि मरीजो/व्यक्तियों को टेस्ट रिपोर्ट के साथ रसीद भी प्रदाय की जाए। साथ ही उक्त दरों को वे अपनी लेब/संस्था पर बड़े अक्षरों में साफ-साफ प्रदर्षित भी करें।
निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूले जाने या किसी भी प्रकार से टेस्ट दरों की विसंगति की षिकायत प्राप्त होने पर तत्काल नर्सिंग होम एक्ट 1973 की धारा 8 के अंतर्गत वैद्यानिक कार्यवाही करते हुए पंजीयन निरस्त करने चेतावनी भी उन्होने दी है।
