माँ वैष्णो देवी मंदिर गौशाला मे निस्वार्थ भाव से हो रही गायों की सेवा

*स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारीयो का सहयोग मिल जाए तो सेवा मे कोई कमी नही रहेगी*

ब्यावरा (राजगढ़) जिले में अभी तक आपने अनुदान प्राप्त गौशाला तो बहुत देखी होंगी मगर बिना अनुदान प्राप्त गौशाला मे जन सहयोग से निस्वार्थ भाव से हो रही सेवा बहुत ही कम देखी होगी , ब्यावरा में तीन गौशाला है इसमें दो अनुदान प्राप्त और एक बिना अनुदान प्राप्त गौशाला है
अनुदान प्राप्त गौशाला में सरकार की तरफ से सेवा सहायता के नाम पर चारा भूसा सब मिलता है मगर वहां कमजोर बूढ़ी दुर्घटनाग्रस्त गाये नहीं मिलती है और जो मिलती है तो उनमे दुघ देती गाये होती है जहाँ दूध से लेकर गोबर तक का कारोबार देखने को मिलता है जन चर्चा है कि शासन प्रशासन को समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण करना चाहिए ताकि गायों की ज्यादा से ज्यादा सेवा हो सके ।
नगर में गायों की स्थिति बहुत खराब है सड़कों पर भूखी प्यासी भटकती रहती है मगर अनुदान प्राप्त कोई भी गौशाला के संचालक इस ओर ध्यान तक नहीं देते
एक कहावत है कर्म ही पूजा है जैसा कर्म करोगे वैसा फल देगा भगवान की तर्ज पर मां वैष्णो देवी मंदिर गौशाला मे गायो की सेवा चल रही है बिना माँ के छोटे छोटे गाय के बछड़ों को बाटल से दुघ पिला रहे कुछ गाये घायल अवस्था मे है जिनको जालिमो के चुंगल से छुडा कर उतारी गई थी उनका ईलाज किया जा रहा है सेवा कार्य मे लगे सदस्यो द्वारा बताया गया है की गोशाला मे करीबन 200 गाय है जिसमे 5 बछड़े बिना माँ के और 20 छोटे छोटे बछड़े है गौशाला मे जन सहयोग से चारे की व्यस्था चल रही है आमजन गौशाला में आकर
भगवान श्री कृष्ण की तरह छोटी छोटी नन्ही गायों को देखकर खुशी का इजहार करते है स्थानीय जन प्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारीयो का सहयोग मिल जाए तो गायो की सेवा मे कोई कमी नही रहेगी।

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राजगढ़ ब्यावरा