प्रधान महालेखाकार ने विभागीय अधिकारियों से जानी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत

सतर्क रहकर कार्य करने दी हिदायत

राजगढ़/ब्यावरा:–विभागीय समस्याओं और योजनाओं की जानकारी रिकार्ड के आधार पर जानी नहीं जा सकती है। ऑडिट करने पर राशि व्यय होती है। इस राशि का उपयोग विभागों के सुधार में काम आनी चाहिए। इस उद्देष्य से विभिन्न विभागों से सीधे बातचीत कर जमीनी हकीकत जानने का उद्देष्य है। यह बात आज यहां मध्यप्रदेश के प्रधान महालेखाकार श्री डी. साहू द्वारा विभिन्न विभागीय अधिकारियों की आयोजित बैठक में जिले में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की क्रियान्वित योजनाओं एवं उनकी मॉनीटरिंग व्यवस्था की जानकारी लेने के दौरान कही। इस अवसर पर कलेक्टर श्री हर्ष दीक्षित, उप महा लेखाकार म.प्र. डॉ. सुहैल, अपर कलेक्टर श्री कमलचन्द्र नागर, वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी श्री प्रमोद सिंह सहित जिले के समस्त विभागों के कार्यालय प्रमुख मौजूद रहे।
इस मौके पर प्रधान महालेखाकार म.प्र. श्री साहू ने जिला अधिकारियों से कहा कि सभीजन सतर्क रहकर कार्य करें, नस्ती पूरी पढ़ने के बाद साईन करें। डिजिटलाईजेशन होने से कड़ी फॉड करने वाला व्यक्ति बच नहीं सकता है। ऐसी जानकारी सामने आने पर प्रदेश सरकार तत्काल कार्रवाई करती है। इस अवसर पर उन्होंने छात्रवृत्ति वितरण सहित विभिन्न योजनाओं में हो सकने वाली विभिन्न प्रकार से वित्तीय अनियमितताओं की जानकारियां भी विभागीय अधिकारियों को दी।
आयोजित बैठक में कृषि, जल निगम, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क, नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा अपने-अपने विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों एवं पर्यवेक्षण व्यवस्था की जानकारी पॉवर प्वाइंट पर दी गई।

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