
राजगढ़/ब्यावरा :-न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी ब्यावरा संजय उपाध्याय द्वारा कहा गया है कि न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी ब्यावरा के न्यायालय में थाना प्रभारी देहात ब्यावरा के द्वारा इस्तगासा क्रमांक 34,35,36/22 धारा 151,107.116 (3) जाफो के तहत 17 मई, 2022 को प्रस्तुत किया गया था। जिसमें अनावेदकगण श्री पुरुषोत्तम पिता श्री रामबाबू जाटव उम्र 20 वर्ष, श्री राजेश उर्फ शंकर पिता श्री रामबाबू जाटव उम्र 28 वर्ष, श्री अनील पिता श्री प्रेमनारायण जाटव उम्र 20 वर्ष सर्व निवासी ग्राम बालचिडी तहसील ब्यावरा के विरूद्ध पेश किया गया था। इस्तगासा पेश किये जाते समय किसी भी प्रकार की सक्षम जमानत प्रस्तुत नहीं किये जाने के कारण जेल वारंट 17 मई, 2022 को जारी किया गया था तथा उसके दूसरे दिन 18 मई, 2022 को अनावेदकगणों के अधिवक्ता द्वारा सक्षम जमानत प्रस्तुत किये जाने पर सभी तीनो अनावेदकगणों की जमानत न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी ब्यावरा द्वारा स्वीकार की जाकर रिहाई आदेश क्र. 725,726,727 18 मई, 2022 को अधीक्षक जिला जेल राजगढ़ को जारी किया गया था। जबकि संबंधित अभिभाषक द्वारा जो कमेन्ट पोस्ट मुख्यमंत्री म.प्र. शासन के फेसबुक वॉल (ब्ड डंकीलं च्तंकमे) पर की गई है, वह निराधार है, चूँकि संबंधित अभिभाषक के क्लाइंट को जेल भेजा गया था, इसलिये इससे क्षुब्ध होकर यह पोस्ट की गई है तथा न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी ब्यावरा के न्यायालय की छवि धूमिल किये जाने की मंशा से किया गया प्रतीत होता है एवं न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी ब्यावरा की अवमानना की श्रेणी में न्यायालय की अवमानना अधिनियम 1971 (ब्वनतज वि ब्वदजमउचज ।बज 1971) के तहत आता है, इसलिये संबंधित अभिभाषक के विरूद्ध न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी ब्यावरा द्वारा पृथक से उच्च न्यायालय में कार्यवाही प्रचलित की जा रही है।

