निजीकरण के विरोध में बैंकों में 2 दिन से ताले

ब्यावरा की 14 जिले की 111 बैंक कर्मी रहे हड़ताल पर

केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

ब्यावरा। निजीकरण के खिलाफ ब्यावरा के 14 सहित जिले के 111 बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का सोमवार मंगलवार को व्यापक असर रहा। देशव्यापी हड़ताल के चलते 2 दिनों तक ब्यावरा समेत जिलेभर की सभी बैंकों के ताले नहीं खुले। बैंक कर्मी डी आर मीणा के मुताबिक दो दिवसीय हड़ताल में करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ, वही ब्यावरा मैं करीबन 9 से 10 करोड़ का लेन देन भी दूसरे दिन प्रभावित होने का अनुमान है तो तकरीबन 2 लाख हितग्राही भी हड़ताल के चलने लेन देन नही कर सके है।इधर शहर के साथ ही जिले की कृषि उपज मंडी भी बंद रही, क्योंकि व्यापारी भी किसानों को बैंक से ही सीधा भुगतान करते हैं, लेकिन बैंकों में ताले जड़े होने की वजह से किसानों पर भी भारी असर पड़ा है किसान 3 दिनों से मंडियों के बंद रहने से भारी परेशानी का सामना कर रहा है। आज भी वह मंडियों में खरीदारी नहीं होने से काफी चिंतित नजर आया और मंडी नहीं खुलने से लाए गए अनाज को पुनः बगैर विक्री के घर ले आना पड़ा। जिससे किसानों को ट्रेक्टर वाहन भाड़ा चुकाने का आर्थिक भार को भी वहन करना पड़ा। इस नाराजगी को लेकर यहां किसानों ने कृषि उपज मंडी में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया वही मंगलवार को राजगढ़ रोड पिपल चौराहा पर राष्ट्रीय कृत बैंकों के अधिकारी व कर्मचारियों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर हड़ताल पर रहे, निजीकरण के विरोध में अधिकारियों और कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना था कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र बैंक ऑफ इंडिया सेंट्रल बैंक यूको बैंक पीएनबी और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का निजीकरण की तैयारी कर रही है, जिसके विरोध में सभी अधिकारी कर्मचारी बैंकों सड़कों पर आ गए। इस हड़ताल से व्यापारियों से लेकर आम जनता पर खासा असर पड़ा है इस दौरान एसएन पवार, एसएस ट्रेलर, विष्णु वर्मा, पांडे जी, नरेंद्र मीणा,अमरेंद्र कुमार, राहुल प्रजापति, जसवंत आदि बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे

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राजगढ़ ब्यावरा