लोकायुक्त टीम ने ब्यावरा नगर पालिका के अस्थाई कर्मचारी बाबू संजय जाट को 3000 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रँगे हाथो पकड़ा

ब्यावरा राजगढ़ जिले का केंद्र बिंदु कहलाये जाने वाला ब्यावरा शहर भृष्टाचारियो के पंजो में जकड़ा हुआ है फिलहाल नगर पालिका की बात की जाए तो वर्ष 2006 में बिजली सामान खरीदी में हुए घोटाले के बाद से घोटाले थमने का नाम नही ले रहे 2015 में जरनेटर खरीदी घोटाला 2018 में कागजो में फर्जी शौचालय बनाकर 32 लाख का घोटाले किया गया जिसकी जांच नगरपालिका में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास निगम भोपाल के पत्र क्रमांक 5341 दिनांक 12/3/2018 पर जांच चल रही है
मगर सबसे आश्चर्य की बात यह है कि यह दोनों घोटाले भाजपा की परिषद में हुए है आज एक ओर घोटाला नगरपालिका के घूसखोर बाबु संजय जाट का सामने आया है जिसको 3000 की रिश्वत लेते रंगे हाथो पकडा नगर पालिका कार्यालय में कार्यरत ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन के लिए आवेदन सबमिट करने वाले एक अदना सा कर्मचारी बाबू संजय जाट को भवन निर्माण की स्वीकृति के एवज में 3000 हजार की रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया यह कार्रवाई दोपहर के समय कि है रात तक जांच चलती रही लोकायुक्त सब इस्पेक्टर मनोज पटवा ने नगरपालिका बाबू जाट को धर दबोचा जिसके बाद टीम ने कार्यालय के कंप्यूटर लैपटॉप तथा दस्तावेजों को खंगाला जा रहा था।
लोकायुक्त टीम के सब इंस्पेक्टर श्री पटवा ने प्रेस को बताया कि फिलहाल गिरफ्तारी नहीं की गई है। अभी हमारी जांच पड़ताल जारी है जैसा भी होगा बाद में आपको बता दिया जाएगा।

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