राजगढ जिला पंचायत कार्यालय सुर्खियों में आरोप प्रत्यारोप चर्चा का विषय बने

राजगढ जिला पंचायत कार्यालय सुर्खियों में आरोप प्रत्यारोप चर्चा का विषय बने

 

अध्यक्ष ने लगाए आरोप,,,सीईओ ने भेजा मानहानि का नोटिस

राजगढ़/ब्यावरा:– जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे वैसे अक्सर देखा जा रहा है कि शासन के नुमाइंदों और जनप्रतिनिधियों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है हाल ही जिला पंचायत अध्यक्ष और सीईओ के बीच बड़ रही तकरार आम जनता में चर्चा का विषय बनी हुई है।

विगत 3 जून को जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्र सिंह सोंधिया ने सभागार गृह में पत्रकार वार्ता आयोजित कर जिला पंचायत सीईओ अक्षय तेमरवाल पर कई तरह के आरोप लगाए जिला पंचायत अध्यक्ष सोंधिया ने विभिन्न कार्यों के लिए बाबू के माध्यम से सरपंचों से 20 परसेंट कमीशन खोरी के गंभीर आरोप लगाए थे के जवाब में अब जिला पंचायत सीईओ तेमरवाल ने जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया को अपने एडवोकेट के माध्यम से मानहानि का नोटिस भेज रहे हैं बताया गया की नोटिस 7 जून को रजिस्टर्ड डाक द्वारा यह भिजवाया जा रहा है इसके पूर्व नोटिस के प्रति पत्रकारों को उपलब्ध करवाई गई
साक्ष उपलब्ध करवाएं या माफी मांगे

जिला पंचायत सीईओ तेमरवाल के एडवोकेट वल्लभ किशोर शर्मा के जरिए नोटिस भिजवाया जा रहा है नोटिस में उल्लेख किया है कि चंदर सिंह सोंधिया द्वारा मेरे पक्षकार सीईओ पर जो आरोप लगाए है उसके संबंध में साक्ष्य उपलब्ध कराएं या फिर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे।ऐसा नहीं करने पर मेरे पक्षकार द्वारा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में आईपीसी की धारा 499 एवं 500 के तहत परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा ।

आयोजित 3 जून की पत्रकार वार्ता

जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया द्वारा पत्रकार वार्ता में सीईओ के ऊपर गंभीर आरोप लगाए गए जिसमें बताया गया कि जिले में 100 से 125 पुलिया स्वीकृत की जो करीब 30 से 35 करोड़ नरेगा से स्वीकृत की गई उसके आदेश सरपंचों को दे दिए और उन सरपंचों से 3 व्यक्तियों के माध्यम से 5 से 10% दलाली लेकर रातों-रात पुलिया स्वीकृत कर दी जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय को की गई जिसकी जानकारी लगते हैं रातो रात स्वीकृत पुलिया निरस्त कर दी।

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