राजगढ जेल में बंद विचाराधीन कैदी की मौत, परिजनों ने किया हंगामा,,,

राजगढ जेल में बंद विचाराधीन कैदी की मौत, परिजनों ने किया हंगामा,,,

परिजनों ने शराब ठेकेदार पुलिस और जेल प्रशासन पर गलत केस में फसाने व प्रताड़ना के लगाए आरोप

राजगढ/मप्र :– जेसे जेसे चुनाव नजदीक आते जा रहे वैसे वैसे शिवराज सरकार के नुमाइंदों की कार्यप्रणाली कठघरे में खड़ी होती जा रही है शिष्टाचार की दुहाई देने वाली सरकार के राज भ्रष्टाचार चरम सीमा कल रहा है हाल ही में एक मामला सुर्खियों में चल रहा है । जिला जेल में बंद रहने के दौरान एक कैदी की माैत हो गई। जिसकी खबर लगते ही परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया है। उधर परिजनों का आरोप है कि मृतक को ठेकेदार व पुलिस ने आपस में मिलकर फंसाया है।
पुलिस-ठेकेदार ने पहले अधेड़ के खेत में शराब की दो पेटियां रखी व उन्हें 34 आबकारी एक्ट में फंसाकर जेल में डाल दिया।
बताया जाता है कि जेल में प्रताड़ना के चलते खिलचीपुर तहसील के सेकनपुर गांव निवासी दौलतराम पिता शंकरलाल दांगी, उम्र 66 वर्ष को पुलिस ने 16 अगस्त को अवैध शराब रखने को लेकर गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ 34 आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। जहां एक माह तक बंद रहने के दौरान उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलने के बाद परिजन व ग्रामीण राजगढ़ पहुंचे।

पुलिस-शराब ठेकेदार व जेल प्रशासन पर लगाए आरोप

परिजनों का कहना है कि पुलिस-शराब ठेकेदार व जेल प्रशासन द्वारा साजिश के तहत प्रताड़ित करने के लिए झूठे केस में फसाते हुए जेल में बंद किया गया था, जहां प्रताड़ना के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने कलेक्टर, एसपी से कि शिकायत

परिजनों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि शराब ठेकेदार रामदयाल लववंशी ने पुलिस के साथ मिलकर मृतक दौलत राम के खेत में दो पेटी अवैध शराब रखकर झूठे केस में फंसाया गया था। इसके तीन गवाह भी हैं, जिन्होंने यह सब मामला देखा था।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाए हैं कि पुलिस-प्रशासन व ठेकेदार सोनू लववंशी, रामेश्वर लववंशी, रामदयाल लववंशी की मिलीभगत से 50 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे गए थे। जिसे न देने के कारण दौलतराम पर झूंठा प्रकरण बनाकर राजगढ़ जिला जेल में भेज दिया गया। दौलतराम की जमानत के लिए हमारे द्वारा खिलचीपुर थाने में अर्जी लगाई गई। जिसके लिए बीट प्रभारी द्वारा 50 हजार रिश्वत मांगे गए। 20 हजार रुपये देने के बाद एक माह बाद 15 सितंबर को खिलचीपुर थाने से चालान डायरी कोर्ट में पेश की गई। दौलतराम कि मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना के चलते 15 सितंबर को उनकी पुलिस कस्टडी में मृत्यु हो गई। परिजनो ने कलेक्टर, एसपी से मांग की है इस केस में संलिप्त आरोपित ठेकेदार व पुलिस पर उचित कार्रवाई की जाए।

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