राजगढ़ जिले मे कोरोना मरीजो की संख्या मे भारी गिरावट

तो नगर के गली मोहल्ले किये सील क्यो,,,,,कही आकड़ो का खेल तो नही

ब्यावरा राजगढ़ जिले मे लगतार कोरोना संक्रमितो मरीजो की संख्या कम होती जा रही है यह बहुत बड़ी राहत की बात है जिला चिकित्सालय द्वारा जारी किये जा रहे संक्रमितो व्यक्तियो की संख्या मे यदि वास्तव मे कमी आ रही है तो नगर मे चारो तरफ गली मोहल्लों को सील कर बेरीकेटिंग करने का कारण क्या है,,,,,?
ऐसा प्रतीत होता है मानो जिला प्रशासन राजगढ़ जिले को आकड़ो की बाजीगरी मे सर्व प्रथम कोरोना मुक्त बनाना चाहते है
जबकि वास्तविकता यह है की
शासकीय अस्पतालों में कोविड की जांच नहीं के बराबर की जा रही है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ब्यावरा की एक सरकारी संस्थाओं में कोविड के मरीज मिलने के बाद प्रशासन द्वारा पूरे स्टाफ की जांच करवाई गई थी जिसमे से कुछ कर्मचारी संक्रमित होकर पाजीटिव मरीज मिले थे जिनको नियमानुसार क्वांटाईन किया गया व घर मे रहने की हिदायत दी गई थी जिनको 15 से 20 दिन हो चुके हैं उक्त संक्रमित मरीज अपनी पुनः जांच करवाने गये तो ड्यूटी डॉक्टर ने यह कहकर चलता कर दिया की कौई जरूरत नही है आपकी रिपोर्ट नेगटिवे मानो,,,,,? जबकि मरीज अपनी पुनः जान्च करवाना चाहते है दूसरी और शासकीय अस्पताल मे तैनात एक कर्मचारी ने जन चर्चा मे बताया की जाच कीट नही है
अगर कीट नही होने वाली बात सही है तो जिला चिकित्सालय राजगढ़ द्वारा जारी किये जा रहे आकड़े कोन से बताये जा रहे गंभीर मरीजो के या कागजी खानापूर्ति की जा रही है । जिले मे आकसीजन और रेडमीसिवर इंजेकसन की मांग को लेकर हाहाकार मचा हुआ है अस्पताल मरीजो से भरे पड़े है अस्पतालो मे पलंग खाली नही है गाँव गाँव मे सर्दी बुखार ने दस्तक दे रखी है पीड़ित मरीज सडको पर घूम रहे जो कोरोना का आकड़ा बड़ाने मे मददगार सिध्द हो रहे है यदि ब्यावरा अस्पताल मे आ रहे मरीजो की बारीकी से जाच करवा ली जाए तो आकड़ा सेकडा पार कर जाएगा
जाच का विषय यह है की कोरोना से संक्रमित होने वाले व्यक्ति की पहले तीन बार जांच करवाई जाती थी मगर ब्यावरा अस्पताल मे दूसरी जाच क्यो नही करवाई जा रही कही प्रशासन संक्रमित मरीजो के बढ़ते आकड़ो से भयभीत तो नही हो रहा है इसलिए जाच करवाने से कतरा रहा है

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