नरसिंहगढ़/राजगढ़:– राजगढ़ जिले नरसिंहगढ़ में आज एक अजीबो गरीब घटना घटित हुई। जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने नरसिंहगढ़ में लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी में राजमंत्री का दर्जा प्राप्त जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधया के साथ अभद्रता और मारपीट की गई जो सीधे सीधे लोकतंत्र की हत्या की जाना प्रतीत हुई।
जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया के साथ हुए घटनाक्रम ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को कार्यक्रम में प्रवेश से रोकना, पुलिस और नेताओं के बीच विवाद की स्थिति बनना और फिर प्रशासन की मौजूदगी में ऐसी स्थिति पैदा होना — यह पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं है, सवाल उस व्यवस्था का है जहां जनप्रतिनिधि और प्रशासन आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। आखिर ऐसी नौबत क्यों आई? कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में चूक कहां हुई? और जब स्थिति बिगड़ रही थी, तब जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे थे?लोकतंत्र में विरोध और असहमति की जगह होती है, लेकिन किसी भी पक्ष की गरिमा और सम्मान बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
क्योंकि सवाल सिर्फ व्यक्ति का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मर्यादा का है

