मंडी में तौल कांटा परंतु बंद बताकर बाहर करवाई जा रही तौल, मंडी सचिव दांगी की चुप्पी पहुंचा रही राजस्व को नुकसान

व्यापारियों से अधिकारियों की सांठगांठ का नतीजा 80 क्विंटल धनिया बिना मंडी गेटपास के गुना ले जाती गाडी हुई मीडिया के केमरे में कैद, डर के कारण 20 मिनिट बाद पहुंची वापस,,,
ब्यावरा/राजगढ – बीते कई समय से भ्रष्टाचार की बेशाखियो पर चल रही कृषि उपज मंडी इन दिनों
सुर्खियों में चल रही है,,, हाल ही में बिना गेट पास व बिना तोल करवाए अधिकारी की साठ गांठ से अनाज से भरी गाडियां अंधेरे में निकाली जाने का मामला प्रकाश में आया है जिससे मंडी प्रशासन हैरान परेशान है,,,,,

अधिकारियों और व्यापारियों द्धारा नियमों की धज्जियां उडाते हुए राजस्व का नुकसान कर सरकार को चुना लगाया जा रहा है
मामला है कृषि उपज मंडी ब्यावरा का जहां पर शुक्रवार की रात को मंडी व्यापारी द्धारा धनिए से भरी गाडी को मंडी के सारे नियमों की धज्जियां उडाते हुए मंडी से बाहर निकाल दिया गया। हैरत की बात तो यह रही की मंडी के तमाम कर्मचारी व अधिकारी सोते ही रह गए उन्हें पता ही नहीं चला। जानकारी के अनुसार गाडी को बीनागंज (गुना) जाना था इसके बारे में जब मंडी के कर्मचारियों से बिना गेटपास के निकलने बाली गाडियों के बारे में पूछा गया तो उनके पास कोई उत्तर नहीं था ।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी ब्यावरा कृषि मंडी से धनिए की गाडियां बिना गेट पास के निकालने के समाचार प्रकाशित हुए परंतु मंडी प्रबंधन द्धारा किसी व्यापारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड रहा है।
80 क्विंटल धनिए से भरी गाडी बिना गेटपास के हुई बाहर फिर मीडिया के डर से आई वापस

शुक्रवार शाम 7 बजकर 55 मिनिट के आसपास कृषि मंडी ब्यावरा से एमपी 08 जीए 3411 जो की 80 क्विंटल धनिए से भरी हुई थी मंडी गेट से बाहर निकलती है परंतु गाडी में बैठे हुए लोगों को जैसे ही लगता है कि उनकी गाडी को पत्रकारों द्वारा घेर लिया गया और वीडियों बनाई जा रही है तभी गाडी से एक युवक उतरता है और मंडी की ओर भागता है इसके बाद थोडी देर में लगभग 8 बजकर 15 मिनिट पर अनाज से भरी गाडी वापस लौट आती है। इसके बाद पत्रकारों द्वारा मंडी गेट इंचार्ज मनोहर गिरी एवं उप निरीक्षक रोहित विश्वकर्मा से पूछा गया की बिना किसी गेट पास के धनिए से भरी गाडी कैसे बाहर निकली, तो उनके पास इस बात का कोई उत्तर नहीं था बल्कि बात का घुमाने की कोशिश करते नजर आए।
मेन गेट पर लगभग 4 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद भी अन्य सुरक्षा गार्ड जगदीश दांगी को गाडी निकलने के समय मेन गेट के आसपास होने की बात वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने बताई । वहीं जगदीश दांगी ने बताया की उनकी ड्यूटी 12 से 4 बजे तक है फिर प्रश्न यह है कि यह 7 बजे के बाद भी मंडी गेट पर क्या कर रहे थे और फिर मीडिया को देखकर वहां से भाग क्यों गए ?
तोल कांटा मंडी के अंदर मौजूद तो फिर बाहर क्यों हो रही तौल,,,?
जब मंडी केंपस के अंदर तौल कांटा मौजूद है फिर ऐसी कौन सी बात थी की अंदर गाडी को नही तौला जा रहा और बाहर निजी तौल कांटों पर तौला जा रहा है जिसका कोई गेट पास भी नहीं बनाया जा रहा । दांगी ब्रदर्स फर्म के मामले में भी मंडी सचिव लक्ष्मीनारायण दांगी भी व्यापारी सुनील दांगी के बचाव में ही नजर आए और कहने लगे की भरी हुई गाडी तौल कराने गई होगी। एक मंडी सचिव का गैर जिम्मेदाराना जबाव कल्पना से बाहर है। मंडी टैक्स चोरी हो रहा है और सचिव के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
क्यों न हो दांगी ब्रदर्स का मंडी लायसेंस निरस्त, कलेक्टर को लेना चाहिए संज्ञान,,,,
यह तो एक गाडी थी जो मीडिया की पहल पर पकड में आ गई यदि मंडी प्रबंधन सही है और उनकी इस पूरी मामले में कोई भूमिका नहीं है तो फिर दांगी ब्रदर्स के द्धारा सरकार को राजस्व का नुकसान व षडयंत्र रचकर लाभ कमाने पर क्यों न मंडी लायसेंस रद्द कर दिया जाए जिससे दूसरे सही व्यापारियों को सीख मिले और सच्चे व्यापारियों का नुकसान न हो। ऐसे में जब सांठगांठ का बोलवाला है तो फिर कलेक्टर हर्ष दीक्षित को मंडी में चल रहे इस तरह के कारोबार पर रोक लगाने के लिए कदम उठाना चाहिए जिससें शासन को राजस्व भी मिल सके और व्यापारियों के द्धारा की जा रही टैक्स चोरी पर भी लगाम लगाई जा सके।
चोरी पकडाने के बाद बनवाया गेट पास, उपनिरीक्षक एवं सचिव की बातों में विरोधाभास
मंडी अधिकारियों और व्यापारी को लगा की बात बढ गई है और मीडिया के पास उनकी कारगुजारी और सरकार को चूना लगाने के वीडियों है तो फिर 2 घंटे बाद बाकायदा गेट पास बनाकर गाडी को गुना भेजा गया। परंतु इस पूरे घटना चक्र में सचिव लक्ष्मीनाराण दांगी की भूमिका को गैर जिम्मेदाराना कहा जावेगा वहीं मेन गेट पर सीसीटीव्ही चालू होने को लेकर भी विरोधाभास नजर आया।


